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DP Charge: आपका स्टॉक ब्रोकर कितना लेता है 2024!

DP Charge: फुल फॉर्म, DP चार्ज के भाग, सीडीएसएल एवम् एनएसडीएल का हिस्सा, टैक्स, Zerodha DP चार्ज, Upstox DP चार्ज

दोस्तों, स्टॉक ब्रोकर्स द्वारा कई प्रकार के चार्ज अपने क्लाइंट्स से लिए जाते हैं जैसे की ब्रोकरेज चार्ज, एसटीटी, जीएसटी, सेबी टर्न ओवर चार्ज, स्टांप ड्यूटी आदि। यह सभी चार्ज आपको आज कल ऑर्डर पेज पर ही दिख जाते हैं लेकिन एक चार्ज ऐसा भी है जो स्टॉक बेचने के बाद क्लाइंट्स के बैलेंस में से कट कर लिया जाता है, इस चार्ज को DP Charge के नाम से जाना जाता है। इसे लेजर बैलेंस में देखा जा सकता है।

DP Charge क्या है?

जब भी आप कोई ऐसा स्टॉक बेचते हैं जिसे आपने डिलीवरी में खरीदा था तो आपको DP Charge का भुगतान करना पड़ता है। DP Charge प्रति बेचे गए स्टॉक पर लिया जाता है, आप कितनी क्वांटिटी में कोई स्टॉक बेच रहे हैं इस पर DP Charge निर्भर नहीं करता है।

उदाहरण के लिए मान लेते हैं की आपके  डीमैट अकाउंट में एसबीआई और आईटीसी के 100-100 स्टॉक्स हैं। अब अगर आप किसी दिन 10 स्टॉक एसबीआई के और 10 स्टॉक आईटीसी के बेचते हैं तो इन दोनों ही स्टॉक्स पर अलग-अलग DP Charge देना पड़ेगा, अगर आप अगले दिन फिर से 10-10 स्टॉक दोनों कंपनियों के बेचते हैं तो एक बार फिर से DP Charge लगेगा।

लेकिन यदि आप दोनों ही कंपनियों के सभी यानी 100 शेयरों को एक साथ बेंचते हैं तो आपको DP Charge सिर्फ एक बार ही देना पड़ेगा।

DP Charge का पूरा नाम क्या है?

DP Charge का पूरा नाम है, डिपोजिटरी पार्टिसिपेंट चार्ज। दोस्तों, डिपोजिटरी वह जगह होती है जहां हमारे द्वारा खरीदे गए शेयर जमा रहते हैं। जब भी हम किसी स्टॉक ब्रोकर के ट्रेडिंग टर्मिनल या ऐप से डिलीवरी में कोई शेयर खरीदते हैं, तो वर्तमान नियमों के अनुसार T+1 डे में वह शेयर हमारे डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है। डीमैट अकाउंट सिर्फ डिपोजिटरी द्वारा ही खोले जा सकते हैं।

वर्तमान समय में हमारे देश में केवल दो ही डिपोजिटरी हैं जो डीमैट अकाउंट की सुविधा उपलब्ध करवाती हैं।

  • CDSL: सेंट्रल डिपोजिटरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड
DP Charge

  • NSDL: नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लिमिटेड
DP Charge

हम अपने देश में चाहे किसी भी स्टॉक ब्रोकर के साथ अपना डिमैट अकाउंट खुलवाए, हमारा डिमैट अकाउंट उपर्युक्त दोनों डिपॉजिटरी यानी सीडीएसएल तथा एनएसडीएल में से किसी एक में अवश्य होगा। जब भी हम शेयर्स खरीदते हैं तो हमारे द्वारा खरीदे गए यह शेयर्स इन्हीं दोनों डिपॉजिटरी के डिमैट अकाउंट में ही सुरक्षित रहते हैं और जब हम अपने डिमैट अकाउंट में होल्ड किए गए शेयर्स को सेल करते हैं तो वह यही से डेबिट भी होते हैं। 

हमारे द्वारा किसी शेयर को खरीदने के दिन से लेकर उस शेयर को बेचने के दिन तक यह शेयर्स इन्हीं दो डिपॉजिटरीज यानी सीडीएसएल और एनएसडीएल के डिमैट अकाउंट में सुरक्षित रहते हैं।

मान लेते हैं कि अगर आपका स्टॉक ब्रोकर भाग जाए या किन्हीं कारणों से बंद हो जाए तो आप सीधे सीडीएसएल या एनएसडीएल के डिमैट अकाउंट से अपने शेयर्स को एक्सेस करके अपनी सारी होल्डिंग्स को देख सकते हैं इस प्रकार से यह दोनों डिपॉजिटरी हमारे निवेश को सुरक्षित रखने का काम भी करती हैं और इसी सुविधा के लिए दोनों डिपॉजिटरीज हमसे कुछ शुल्क लेती हैं जिसे हम लोग DP Charge के नाम से जानते हैं।

DP Charge में डिपॉजिटरी के अलावा स्टॉक ब्रोकर भी चाहे तो कुछ चार्ज जोड़कर अपने क्लाइंट्स से ले सकते हैं क्योंकि ब्रोकर को भी अपने डिपॉजिटरी को कई तरह के चार्ज देने पड़ते हैं। अगर स्टॉक ब्रोकर का ब्रोकरेज चार्ज कम है जैसे कि डिस्काउंट ब्रोकर, तो ऐसे ब्रोकर डीपी चार्ज के नाम पर अपने क्लाइंट्स से अक्सर कुछ शुल्क लेते हैं।

DP Charge के भाग

डीपी चार्ज के दो भाग होते हैं। पहला चार्ज वह होता है जो डिपॉजिटरी लेती है जबकि दूसरा चार्ज स्टॉक ब्रोकर का होता है, जो अलग-अलग ब्रोकर डिफरेंट अमाउंट में अपने क्लाइंट्स से लेते हैं।

DP Charge कितना लगता है?

DP Charge तभी लगता है जब हम अपनी होल्डिंग यानी डीमैट से शेयर्स को बेचते हैं प्रत्येक कंपनी पर प्रत्येक बेचने वाले दिन का सीडीएसएल 5.50 रुपए शुल्क लेती है जबकि एनएसडीएल द्वारा 4.50 रुपए का शुल्क लिया जाता है अर्थात अगर आपका डिमैट अकाउंट सीडीएसएल के साथ है तो आपको एक कंपनी का शेयर एक दिन में बेचने पर सीडीएसएल को 5.50 रुपए का शुल्क देना पड़ेगा।

यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि एक दिन में हम किसी कंपनी के एक शेयर सेल करें या 1000 शेयर सेल करें या फिर एक लाख शेयर सेल करें सीडीएसएल हमसे हर कंपनी के शेयर पर 5.50 रुपए का शुल्क ही लगा, यही प्रक्रिया एनएसडीएल की भी है।

डिपॉजिटरी के अलावा हर स्टॉक ब्रोकर के चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं इस क्रम में दो प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकर के टोटल डीपी चार्ज को देखिए और समझिए।

Zerodha का DP Charge

Zerodha सीडीएसएल डिपॉजिटरी के साथ डिमैट अकाउंट ओपन करता है इसलिए डीएसएल के 5.50 रुपए के अलावा जीरोधा द्वारा 8 रुपए का शुल्क DP Charge के अंतर्गत लिया जाता है जो कुल मिलाकर 13.50 रुपए होता है जिस पर 18% जीएसटी लगने के उपरांत यह चार्ज कुल 15.93 रुपए हो जाता है जिसे क्लाइंट से वसूला जाता है।

Upstox का DP Charge

Upstox भी सीडीएसएल डिपॉजिटरी के साथ डिमैट अकाउंट ओपन करता है इसलिए सीडीएसएल के 5.50 रुपए के अलावा Upstox द्वारा 13 रुपए का शुल्क DP Charge के अंतर्गत लिया जाता है जो कुल मिलाकर 18.50 रुपए हो जाता है जिस पर 18% जीएसटी लगने के उपरांत कुल 21.83 रुपए DP Charge के रूप में क्लाइंट्स को भुगतान करना पड़ता है।

इस तरीके से सभी स्टॉक ब्रोकर द्वारा DP Charge के नाम पर कुछ ना कुछ शुल्क लिया जाता है जिसकी जानकारी आपको अपना डिमैट अकाउंट ओपन करने से पहले कर लेनी चाहिए।

उम्मीद करता हूं की यह आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित होगा, कृपया इसे अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। आर्टिकल पूरा पढ़ने और अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद!

FAQ

Q. DP Charge का फुल फॉर्म क्या है?

Ans. DP Charge का फुल फॉर्म डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट चार्ज है।

Q. Zerodha कितना DP Charge लेता है?

Ans. Zerodha 15.93/- रुपए DP Charge लेता है।

Q. Upstox कितना DP Charge लेता है?

Ans. Upstox 21.83/- रुपए DP Charge लेता है। 

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